सबसे ज्यादा हार्ट अटैक सुबह के समय क्यों होते हैं?HealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 15:12

Heart Health: ज्‍यादातर सुबह के समय ही क्यों आते हैं सबसे ज्‍यादा हार्ट अटैक? अधिकतर लोग करते हैं ये गलती
हार्ट अटैक के कारण आज दुनियाभर में हर रोज कितने ही लोग मरते हैं। बताया जाता है कि सुबह 6 बजे सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आते हैं। यही नहीं यह सबसे खतरनाक भी होते हैं। आइए जानते हैं क्या कहती है रिसर्च।
आज के समय में हृदय रोग की समस्या से बहुत से लोग पीड़ित हैं। वहीं कुछ लोगों को यह समस्या कब हो जाती है, यह तक पता नहीं चलता। हाल ही में बिग बॉस विजेता और बालिका वधु से अपनी पहचान बना चुके एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला का निधन भी हार्ट अटैक से ही हुआ था। शारीरिक रूप से बेहद फिट इस एक्टर की मौत ने लोगों को सकते में तो डाला ही। साथ ही लोगों के जेहन में फिर से एक सवाल को जन्म दे दिया। वह सवाल है आखिर क्यों सोते समय या सुबह के समय हार्ट अटैक आता है। वहीं स्पेन के विशेषज्ञों द्वारा की गई रिसर्च भी इसी ओर इशारा करती है कि सुबह के समय 6 बजे ना केवल सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आते हैं। बल्कि यह सबसे नुकसानदायक भी होते हैं। हार्ट जर्नल के लेख में इस बात का जिक्र किया गया है कि सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर के समय तक आने वाले हार्ट अटैक व्यक्ति को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
​सुबह का हार्ट अटैक क्‍यों होता है ज्‍यादा खतरनाक
सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर तक आने वाले हार्ट अटैक अधिक खतरनाक इसलिए भी होते हैं। क्योंकि दिन की तुलना में इस समय डेड मसल सेल 20 प्रतिशत ज्यादा होते हैं। अगर आसान भाषा में समझे तो पता चलता है कि इस समय हृदय को अधिक काम करना होता है और हमारी रक्त धमनियां अधिक संकुचित होती है। इस दौरान यह रक्त के थक्कों को खत्म करने की क्षमता नहीं रखती हैं।

इसके अलावा आपको बता दें कि हर इंसान का एक बॉडी क्लॉक होता है, जो कार्डियोवास्कुलर वर्जीक्यूलर प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है। यह तब ज्यादा प्रभावी होती है जब व्यक्ति नींद से उठ रहा हो। ज्ञात हो कि हार्ट अटैक तब आता है जब कोरोनरी धमनी में बाधा उत्पन्न हो जाती है और ऑक्सीजन की कमी से हृदय की मांसपेशी का एक हिस्सा काम करना पूरी तरह बंद कर देता है।
​Circadian Rhythms और स्वास्थ्य में कनेक्शन

Brigham and Women's Hospital में मेडिकल क्रोनोबायोलॉजी प्रोग्राम के निदेशक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में बतौर प्रोफेसर के पद पर कार्यरत, डॉक्टर फ्रैंक एजेएल शीर, जो सकैर्डियन सिस्टम की भूमिका और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव पर अध्ययन कर रहे हैं। आपको बता दें कि सर्कैडियन प्रणाली का अर्थ बॉडी क्लॉक भी कहा जाता है। ज्ञात हो कि यह बॉडी क्लॉक थकान, दिनभर जागने और हमारी भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होती है।
​सुबह के समय क्यों आते हैं सबसे ज्‍यादा हार्ट अटैक

डॉक्टर एजेएल शीर कहते हैं कि सर्कैडियन रिदम यानी बॉडी क्लॉक ही सुबह के समय हार्ट अटैक या स्ट्रोक की वजह होती है। डॉक्टर कहते हैं कि भले ही कोई व्यक्ति एक ही तरह के वातावरण में रह रहा हो और एक ही तरह की दिनचर्या का पालन कर रहा हो। तब भी ऐसे पैरामीटर हैं जो 24 घंटे के बीच घूम सकते हैं। आपको बता दें कि सर्कैडियन रिदम शरीर की ही आंतरिक घड़ी का एक उत्पाद है जो मस्तिष्क की केंद्रीय घड़ी और शरीर की सभी कोशिकाओं द्वारा नियंत्रित होती है।

डॉक्टर शीर बताते हैं कि सर्कैडियन सिस्टम बहुत से साइकोलॉजिकल पैरामीटर को रैगुलेट कर सकती है। यह व्यक्ति को इस दौरान अधिक संवेदनशील बना सकती है, जिसका हम पर अधिक बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर हृदय सुबह के समय में रक्त के थक्कों को खत्म करने की क्षमता नहीं रखती। जिसकी वजह से ही सुबह अधिक हार्ट अटैक आते हैं।

शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान पाया कि लगभग 6:30 बजे सर्कैडियन सिस्टम PAI-1 सेल्स को अधिक मात्रा में रिलीज किया है। आपको बता दें यह रक्त के थक्कों को तोड़ने से रोकते हैं। यानी अगर PAI -1 सेल्स रक्त में अधिक होगा तो इससे हार्ट अटैक का खतरा कहीं ज्यादा होगा। बोस्टन मैगजीन भी इसे लेकर एक रिपोर्ट जारी कर चुकी है।
​हार्ट अटैक के खतरे को कैसे कम करें

इस पर विशेषज्ञ जॉन्स हॉपकिन्स न्यूरोलॉजिस्ट और स्लीप स्पेशलिस्ट Dr Rachel E Salas कहते हैं कि जब किसी व्यक्ति को सही तरह से नींद नहीं आती है तो इसकी वजह से भी हृदय से जुड़ी समस्या पैदा हो जाती है। इस पर यह दोनों विशेषज्ञ लोगों को राय देते दिखाई देते हैं कि डिजिटल मीडिया और न्यूज अधिक ना देखें, कैफीन युक्त पदार्थों और शराब का सेवन ना करें। नींद बेहतर करने के लिए आप अच्छी एक्सरसाइज जरूर करें। साथ ही खुद को मोटापे की समस्या से बचाकर रखें।

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